भारत-अफगान सम्बन्ध : नये परिवेश में भारतीय हित एवं नीति का विश्लेषण

Authors

  • तीर्थ प्रकाश एसो0 प्रोफेसर राजनीति विज्ञान विभाग, राजकीय महाविद्यालय, मंगलौर, हरिद्वार, उत्तराखण्ड

Keywords:

भारत-अफगान सम्बन्ध, वर्तमान परिवेश एवं नीति

Abstract

अफगानिस्तान की विश्व मानचित्र में केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति विश्व की महाशक्तियों एवं अन्य देशों को अपनी ओर आकर्षित करती है। भारत ही इसका अपवाद नहीं है। आन्तरिक सुरक्षा एवं क्षेत्रीय सन्तुलन में भारत अफगान सम्बन्ध महत्वपूर्ण है। 1950 से ही हमारे बीच राजनयिक सम्बन्धों की शुरूआत हुई थी। किन्तु मौजूदा दौर में अफगानिस्तान अपनी घरेलू राजनीति एवं महाशक्तियों के हस्तक्षेप के चलते अनिश्चिता एवं अस्थिरता के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। कट्टर वैचारिक उन्मादी तहरीके इस्लामी तालिबान के बढ़ते प्रभाव ने संवैधानिक सत्ता की वैधता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है। एक ओर जहाँ अराजकता का दौर तेजी से बढ़ रहा है वहीं अफगानी सेना अक्षम हो गयी है। राजनेता एवं राजनीतिज्ञ देश छोड़ कर भाग रहे है। जीवन की रक्षा का अधिकार संकट ग्रस्त बन गया है। निश्चित तौर पर पश्चिमी देशों को सेना हटाने का फैसला ही बुनियादी तौर पर गलत सिद्ध हो रहा है। आज अफगानिस्तान एक राष्ट्र के तौर पर ही विफल नही हुआ बल्कि सुरक्षा और सन्तुलन की दुहाई देने वाली निर्णायक महाशक्तियों की विदेश भी विफल हुई है। आज अनेक महत्वपूर्ण राष्ट्र, विद्रोही तालिबान के साथ रखे है। पाकिस्तान, चीन, रूस और ईरान इस बदलाव को जनभावना का सम्मान बता रहे है और हर सम्भव मदद कर रहे हैं। इन तमाम परिवर्तनों के परिदृश्य ने भारत की चिन्ताओं को बढ़ा दिया है, और हमारी आन्तरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय सन्तुलन की कूटनीति को पुनर्विचार के मुहाने पर ला खड़ा किया है। पूर्व में भी तालिबानी विचार हमारे हितों के अनुरूप नहीं रहे, ऐसे में अफगान संकट के दूरगामी प्रभाव भारतीय विदेश नीति पर परिलक्षित हो रहे है। पश्चिम देशों की मौजूदा नीति में अफगानिस्तान को लगातार मदद करने का इरादा नहीं दिख रहा है, सार्क संकट एवं गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की भूमिका पर भारत का सन्देहात्मक रवैया इसे और अधिक चिन्तनीय बना रहा है। हमारे परम्परागत शत्रु अफगानिस्तान में तालिबानी उदय के पोषण के साथ नए गठबन्धों की राजनीतिक बिसात बिछा रहे है ताकि भारत को अलग-थलग किया जाए। ऐसे में अफगानिस्तान को लेकर भारतीय कूटनीतिक परीक्षा का समय आ गया है। हमारा सम्यक निर्णय ही भारत की अफगानिस्तान सम्बन्धों की दशा और दिशा का निर्धारण करेगा।

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भारत अफगानिस्तान सम्बन्ध, विकिपीडिया 15/08/2021

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Published

15-04-2022

How to Cite

तीर्थ प्रकाश. (2022). भारत-अफगान सम्बन्ध : नये परिवेश में भारतीय हित एवं नीति का विश्लेषण. RECENT RESEARCHES IN SOCIAL SCIENCES & HUMANITIES, 9(1), 35–38. Retrieved from https://ijorr.in/ojs/index.php/rrssh/article/view/7