धर्मनिरपेक्ष भारतीय संस्कृति में ईसाई धर्म एवं कला का संवर्द्धन

Authors

  • अर्चना रानी विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर, ड्राइंग एवं पेण्टिंग विभाग, आर.जी. (पी.जी.) कॉलेज, मेरठ
  • रजनी बंसल शोध छात्रा, ड्राइंग एवं पेण्टिंग विभाग, आर.जी. (पी.जी.) कॉलेज, मेरठ

Keywords:

धर्म, भारतीय संस्कृति, कला, चर्च, अभिव्यक्ति, मूर्तिकला, चित्रकला, संवर्द्धन

Abstract

हिन्दू प्रधान इस धरती पर हिन्दू, जैन, बौद्ध, मुस्लिम धर्म के साथ-साथ ईसाई धर्म के प्रचार का केन्द्र भी भारत
की विविध कला एवं संस्कृति रही। ऐसा कोई धर्म नहीं जब भारतीय कलाकारों ने अपनी तूलिका का प्रयोग न किया
हो तथा धर्म को पोषित एवं संवर्द्धित न किया हो। इसी शृंखला में प्रेम, त्याग, मानवता से युक्त ईसाई धर्म के प्रवर्त्तक
ईसा मसीह, माता मरियम के चित्र एवं मूर्तियाँ बनाई। ईसाई धर्म की पवित्र पुस्तक ‘बाइबिल’ के विभिन्न विषयों को
भारतीय कलाकारों ने चित्रित किया। मुगलकाल से लेकर सामयिक भारतीय कलाकारों द्वारा चित्रित ईसाई कला
का संवर्द्धन मेरे प्रस्तुत शोध-पत्र का आधार है।

Author Biographies

अर्चना रानी, विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर, ड्राइंग एवं पेण्टिंग विभाग, आर.जी. (पी.जी.) कॉलेज, मेरठ

आर.जी. (पी.जी.) कॉलेज, मेरठ

रजनी बंसल, शोध छात्रा, ड्राइंग एवं पेण्टिंग विभाग, आर.जी. (पी.जी.) कॉलेज, मेरठ

आर.जी. (पी.जी.) कॉलेज, मेरठ

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Additional Files

Published

28-03-2021

How to Cite

अर्चना रानी, & रजनी बंसल. (2021). धर्मनिरपेक्ष भारतीय संस्कृति में ईसाई धर्म एवं कला का संवर्द्धन. RECENT RESEARCHES IN SOCIAL SCIENCES & HUMANITIES, 8(1), 52–58. Retrieved from https://ijorr.in/ojs/index.php/rrssh/article/view/37