दलितों के मसीहा - डॉ0 अम्बेडकर
Keywords:
दलित वर्ग, निर्वाचिका, आरक्षणAbstract
संविधान निर्माता डा0 भीमराव अम्बेडकर एक ऐसा महान व्यक्तित्व हैं जो समाज के कमजोर वर्गों के बीच जीवंत आस्था
का प्रतीक बने। समाज का एक ऐसा वर्ग जो वर्षों तक अपने अधिकारों से वंचित रहा उसी वर्ग या समुदाय को समाज
की मुख्य धारा में जोड़ने का समर्थन डा0 अम्बेडकर ने किया। समाज का यही वर्ग उनके विचारों को आत्मसात करके
उनसे प्रेरणा लेता है और अपना मार्गदर्शन करता है। अम्बेडकर साहित्य पूरे देश में किसी भी दूसरे महापुरूष से संबंधित
बिकने वाले सहित्य से कहीं अधिक है। इसका एक कारण ये हैं कि ये एक ऐसा साहित्य है जो भारतीय समाज में
सम्मान, समानता और अधिकार के संघर्ष का प्रतीक है। प्रस्तुत शोधपत्र दलित वर्ग के उद्धारक डा0 अम्बेडकर द्वारा
दलित वर्गों के उत्थान के लिए गये कार्यों को एवं समाज में व्याप्त वर्ग व्यवस्था, जाति व्यवस्था एवं अस्पृश्यता जैसी
कुरीतियों को बताने का प्रयास है।
References
- योगेन्द 1994 : ‘‘भारत में सामाजिक विषमता क्यों’’, बहुजन समाज कल्याण प्रकाशन, लखनऊ ।
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- प्रसाद, चन्द्र शेखर 1993 : ‘‘अम्बेडकर जीवन दर्शन’’, बहुजन कल्याण प्रकाशन, लखनऊ ।
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- डॉ0 अम्बेडकर, दलित साहित्य सम्मेलन पत्रिका, 17 जनवरी 1976
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