दलितों के मसीहा - डॉ0 अम्बेडकर

Authors

  • रंजना असि0 प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान, चन्द्रवती तिवारी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, काशीपुर (उत्तराखण्ड)

Keywords:

दलित वर्ग, निर्वाचिका, आरक्षण

Abstract

संविधान निर्माता डा0 भीमराव अम्बेडकर एक ऐसा महान व्यक्तित्व हैं जो समाज के कमजोर वर्गों के बीच जीवंत आस्था
का प्रतीक बने। समाज का एक ऐसा वर्ग जो वर्षों तक अपने अधिकारों से वंचित रहा उसी वर्ग या समुदाय को समाज
की मुख्य धारा में जोड़ने का समर्थन डा0 अम्बेडकर ने किया। समाज का यही वर्ग उनके विचारों को आत्मसात करके
उनसे प्रेरणा लेता है और अपना मार्गदर्शन करता है। अम्बेडकर साहित्य पूरे देश में किसी भी दूसरे महापुरूष से संबंधित
बिकने वाले सहित्य से कहीं अधिक है। इसका एक कारण ये हैं कि ये एक ऐसा साहित्य है जो भारतीय समाज में
सम्मान, समानता और अधिकार के संघर्ष का प्रतीक है। प्रस्तुत शोधपत्र दलित वर्ग के उद्धारक डा0 अम्बेडकर द्वारा
दलित वर्गों के उत्थान के लिए गये कार्यों को एवं समाज में व्याप्त वर्ग व्यवस्था, जाति व्यवस्था एवं अस्पृश्यता जैसी
कुरीतियों को बताने का प्रयास है।

Author Biography

रंजना, असि0 प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान, चन्द्रवती तिवारी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, काशीपुर (उत्तराखण्ड)

काशीपुर (उत्तराखण्ड) India

References

- योगेन्द 1994 : ‘‘भारत में सामाजिक विषमता क्यों’’, बहुजन समाज कल्याण प्रकाशन, लखनऊ ।

- शर्मा, आर0एस0 : ‘‘शूद्रों का प्रचीन इतिहास’’, नई दिल्ली ।

- बाबा साहब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर- ‘‘सम्पूर्ण वाड़मय खंड 7’’ भारत सरकार प्रकाशन, नई दिल्ली ।

- दत्त, महेश्वर 2005 : ‘‘गाँधी, अम्बेडकर और दलित’’, राधा पब्लिकेशन, नई दिल्ली ।

- प्रसाद, चन्द्र शेखर 1993 : ‘‘अम्बेडकर जीवन दर्शन’’, बहुजन कल्याण प्रकाशन, लखनऊ ।

- बाबा साहब डॉ0 अम्बेडकर : ‘‘सम्पूर्ण वाड्मय खण्ड-1’’, भारत सरकार प्रकाशन, नई दिल्ली, 1993

- डॉ0 अम्बेडकर, दलित साहित्य सम्मेलन पत्रिका, 17 जनवरी 1976

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Published

28-09-2021

How to Cite

रंजना. (2021). दलितों के मसीहा - डॉ0 अम्बेडकर. RECENT RESEARCHES IN SOCIAL SCIENCES & HUMANITIES, 8(3), 27–30. Retrieved from https://ijorr.in/ojs/index.php/rrssh/article/view/84