पर्यावरणीय विमर्श में गांधी वादी चिंतन की प्रासंगिकता
Keywords:
पर्यावरण, गांधी चिंतनAbstract
हमारा उद्देश्य जीने लायक जगह तथा जीने योग्य जीवन हमारे जीवन शैली के बदलाव के माध्यम से प्राप्त
किए जा सकते हैं। हमारी असीमित जरूरत और असीमित लालच को नियंत्रित किया जाना चाहिए। आर्थिक हमारे
दृष्टिकोण-विकास और आर्थिक उन्नति पर मानव मूल्यों के साथ सामंजस्यपूर्ण होना चाहिए। गांधी जी का समूचा
जीवन और कार्य पर्यावरणीय संरक्षण का उदाहरण है। ऐसा इसीलिए नहीं है कि उन्होंने पर्यावरण पर अपने विचारों
को कलमबंद किया, बांध का कार्य रोकने के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया या नदी की सफाई की बल्कि सही
मायने में वे सतत् विकास के प्रणेता थे। संक्षेप में, हम कह सकते है कि उनका पूरा जीवन एक संदेश था। उनका
जीवन भारतीयों के विकास का मार्गदर्शक था और शेश दुनिया के लिए अनुयायी पथ।
References
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