वर्तमान परिवेश में मनुष्य के चारित्रिक उत्कर्ष में योगासन एवं ब्रह्मचर्य जीवन शैली की उपयोगिता
Keywords:
वर्तमान समय, ब्रम्ह्मचर्य, Aasana, PranayamaAbstract
आधुनिक युग विज्ञान का युग है। इसको विज्ञान का युग कहे जाने का प्रमुख कारण यह है कि आज विज्ञान ने अत्यंत द्रूतगति से प्रगति कर ली है तथा उसने आज मानव की सुविधा हेतु अनेक सुविधा सम्पन्न साधनों की खोज कर ली है। अधिकाशतः आज हर एक क्षेत्र में मशीनीकरण एवं कलपुर्जो का प्रयोग होने के कारण आज का युग कलयुग कहलाता है। इस विज्ञानवादी युग में जहां एक ओर मानव सभ्यता विकास और भौतिक समृद्धि की नित नई-नई ऊचाइयों को छूती जा रही है, वही दूसरी तरफ मनुष्य का मन चारित्रिक पतन की अटल गहराइयों में गिरता चला जा रहा है। जिस कारण आज मानव जीवन की सबसे बड़ी समस्या चारित्रिक समस्या की है क्योकि विज्ञान के माध्यम से सभ्यता का विकास तो होता है किन्तु संस्कृति का विकास सम्भव नही है। जबकि मानव जीवन का पूर्ण विकास कर समस्याओं का समाधान करने हेतु सभ्यता और संस्कृति दोनों के मध्य सामन्जस्य स्थापित करना नितांत आवश्यक है। सभ्यता और संस्कृति के मध्य भेद बताते हुऐ ‘‘आचार्य रजनीश कहते है कि- जो तुम्हे सभा में बैठने योग्य बना दे वो संस्कृति है’’। आज विज्ञान ने एक ओर जहां मनुष्य की भोगवादी एवं भौतिकता पूर्ण अनेक प्रकार की समस्याओं का हल खोज निकालने में अत्यंत सफलता अर्जित की है। वही दूसरी तरफ वह मनुष्य की आन्तिरिक समस्याओं जो उसकी चारित्रिक समस्या का प्रधान कारण है पूर्णरूपेण समाधान प्रस्तुत करने में सफल नजर आता है। जबकि ऐसा नही कहा जा सकता है कि विज्ञान ने मानव जीवन के इस आन्तरिक चारित्रिक पक्ष की समस्याओं के समाधान हेतु प्रयास न किया हो। इन चारित्रिक पक्ष की समस्याओं के समाधान हेतु विज्ञान ने अनेक प्रकार की दवाइयाँ, नशीली एवं मादक वस्तुऐ तथा अनेक प्रकार के विवेकशून्य आनन्द प्राप्ति के साधनों का विकास किया है, किन्तु ये सभी साधन इन चारित्रिक समस्याओं के अल्पकालिक उपायों के रूप में ही जगह बना पाये है, समस्याओं के वास्तविक समाधान के रूप में नही। अतः आज का मनुष्य इन विज्ञान सम्मत अनेक उपायों के बाबजूद भौतिक तौर पर उतना दुःखी नही है, जितना कि चारित्रिक समस्याओं ने उसे परेशान कर रखा है। इन सभी समस्याओं का पूर्णरूपेण समाधान मात्र विज्ञान द्वारा तो होना सम्भव नजर नही आता किन्तु योग एवं अध्यात्म द्वारा इस सभी समस्याओं का समाधान प्राप्त होना सम्भव है।
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