उत्तराखण्ड में चारागाह (चारा) समस्याएँ निवारण एवं आर्थिक सुधार

Authors

  • सीता मेहता प्राचार्य, श्री गुरू नानकदेव स्नातकात्तर महाविद्यालय, नानकमत्ता साहिब, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखण्ड

Keywords:

अर्थव्यवस्था, उत्तराखण्ड, चारागाह

Abstract

उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था मंे भू आधारित कार्यक्रमों जैसे पशुपालन, कृषि, दुग्धशाला, चारा, उद्यान तथा वानिकी का महत्वपूर्ण स्थान है। पर्वतीय क्षत्रों मंे कृषि की उपादेयता लगभग 30 प्रतिशत तथा उद्यानांे का विस्तार केवल 40 प्रतिशत ढ़लान तक ही सीमित है, जबकि पशुपालन कार्यक्रमों का न्यूनाधिक विस्तार 500 मीटर से लेकर 4000 मीटर तुंगता तक लगभग सभी धरातलीय स्थिति में विद्यमान है। पर्वतीय बुग्यालों में पशुपालन के अतिरिक्त अन्य कोई कार्यक्रम संभव नहीं है। उत्तराखण्ड में पर्यावरण के सम्यक् विकास तथा पारिस्थिकीय संतुलन का पुर्नस्थापित करने में पशुपालन तथा चारा विकास की भूमिका अहम् है। प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य यहां की पशुचारा समस्या एवं निवारण पर बल एवं आर्थिक सुधार देना है।

References

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Published

15-04-2022

How to Cite

सीता मेहता. (2022). उत्तराखण्ड में चारागाह (चारा) समस्याएँ निवारण एवं आर्थिक सुधार. RECENT RESEARCHES IN SOCIAL SCIENCES & HUMANITIES, 9(1), 58–61. Retrieved from https://ijorr.in/ojs/index.php/rrssh/article/view/13